Is sex necessary for happy married life

इसमें कोई दो राय नहीं है कि शादी का रिश्ता प्यार और विश्वास की नींव पर टिका होता है, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि फिजिकल इंटीमेसी इसे मजबूत बनाती है। कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए, तो वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व अधिक होता है। अक्सर जिन कपल्स की सेक्स लाइफ अच्छी नहीं होती, उनके रिश्ते भी मधुर नहीं रहते हैं। इसलिए वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व विशेष माना गया है। 

क्या बिना सेक्स के प्यार संभव नहीं?

आमतौर पर हर रोमांटिक रिश्ते में अंतरंगता होती ही है, लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी है जिनके लिए यही सबसे ज्यादा जरूरी नहीं है। वे पार्टनर से बिना शारीरिक संबंध बनाए या बहुत कम संबंध बनाने के बावजूद खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। यह हर कपल की सोच, रिश्ते में उनकी प्राथमिकता, खुशी का पैमाना और प्यार जताने के तरीके पर निर्भर करता है। ऐसे में यह नहीं कह सकते कि जिन कपल्स के बीच अंतरंग संबंध नहीं होते या बहुत कम होते हैं, वे खुशहाल नहीं है। लेकिन हां जहां तक आम धारणा है और अधिकांश शादीशुदा कपल्स की बात करें, तो अंतरंग संबंधों को बहुत अहमियत दी गई है। वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व प्राचीनकाल से लेकर आधुनिक युग तक वैसा ही है। 

आखिर क्यों है वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व?

विशेषज्ञों की मानें तो रेग्युलर सेक्स से कई स्वास्थ्य लाभ तो होते ही हैं, यह कपल्स की बॉन्डिंग को भी मज़बूत करता है उन्हें बहुत करीब होने का एहसास दिलाता है।

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व: आती है रिश्तों में गहराई 

सेक्स कपल्स को एक-दूसरे के करीब लाता है और उनके रिश्ते को बहुत गहरा और मजबूत बनाता है। कपल्स के लिए यह प्यार जताने का तरीका है। कई बार व्यस्तता या तनाव की वजह से जब सेक्स लाइफ प्रभावित होती है तो कहीं न कहीं इसका असर रिश्ते पर भी दिखने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों पार्टनर इस मुद्दे पर ध्यान दें।

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व: स्ट्रेस बस्टर है सेक्स 

अंतरंग संबंध बनाने के दौरान शरीर में एंडोर्फिन हॉर्मोन का स्राव होता है जिसे फील गुड हॉर्मोन के नाम से जाना जाता है। जाहिर है जब शरीर में इसका स्राव होता है तो आपका मूड अच्छा हो जाता है और तनाव दूर हो जाता है। तभी तो कई बार शारीरिक संबंध बनाने के बाद कपल्स ऑफिस की सारी टेंशन भूलकर बिल्कुल रिलैक्स हो जाते हैं और रात में नींद भी अच्छी आती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सेक्स के बाद अक्सर कपल गहरी नींद में सो जाते हैं। 

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व: समस्याओं का समाधान ढूंढने की क्षमता बढ़ाता है सेक्स 

शादी के कुछ सालों बाद अक्सर पति-पत्नी में मनमुटाव होने लगते हैं और वह एक-दूसरे की बातों और विचारों से असहमत होने लगते हैं। ऐसे में विवादों से बचने और बीच का रास्ता निकालने में अंतरंग संबंधों की अहम भूमिका होती है। चूंकि सेक्स उन्हें करीब लाता है, तो वह अपने मनमुटाव को दूर करने के लिए बीच का रास्ता निकालने पर सहमत हो जाते हैं और ‘मैं सही हूं’ वाला एटीट्यूड बदल जाता है। जिन कपल्स की सेक्स लाइफ अच्छी होती है, उनके बीच झगड़े भी कम होते हैं। इससे आप समझ सकते हैं कि वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व कितना अधिक है। 

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व: बातचीत में गहराई लाता है

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि यह कपल्स के बीच बातचीत में गहराई लाता है। हेल्दी सेक्स लाइफ का मतलब सिर्फ बेड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मतलब होता है बेडरूम के बाहर भी पार्टनर से प्यारभरी बातचीत, बिना कहे उसके दिल की बात को समझ लेना। यही बातें बेड पर आपके रिश्ते को और अधिक आनंददायक बना देती हैं।

अच्छा वर्कआउट है

यदि आपके पास कसरत के लिए समय नहीं है, तो अपनी सेक्स लाइफ को एक्टिव बनाकर आप कैलोरी बर्न कर सकते हैं। कई स्टडी के मुताबिक, अच्छी और एक्टिव सेक्स लाइफ – मॉडरेट फिजिकल एक्टिविटी, सैर करने और सीढ़ियां चढ़ने जितनी ही असरदार होती है। संबंध बनाते समय कई मांसपेशियों में मूवमेंट होता है, जिससे जांघ, पेट, पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में कसाव आता है और वह टोन होती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, औसतन 30 मिनट के अंतरंग पलों के दौरान 200 कैलोरी बर्न हो सकती है।

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व: आत्मविश्वास बढ़ता है

जिन कपल्स की सेक्स लाइफ हेल्दी होती है, उनका आत्मविश्वास भी अधिक होता है। क्योंकि कोई भी शादीशुदा कपल ये नहीं चाहता कि उसके रिश्ते में अंतरंगता की कमी हो। पैशनेट सेक्स बताता है कि पार्टनर एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं और यही बात कपल्स के आत्मविश्वास को बढ़ाती है। यह कपल्स में सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाती है। जब दोनों में से कोई एक पार्टनर सेक्स में दिलचस्पी लेना छोड़ देता है, तो दूसरे के मन में रिश्ते को लेकर असुरक्षा की भावना पनपने लगती है। यही वजह है कि वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व है।

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व एवं इसके शारीरिक फायदे

2004 की स्टडी के मुताबिक, रेग्युलर सेक्स करने वालों का इम्यून सिस्टम अन्य लोगों की तुलना में अच्छा होता है। 2010 मे हुए एक अध्ययन के मुताबिक, नियमित रूप से शारीरिक संबंध बनाने से हार्ट डिसीज का खतरा कम हो जाता है। 2016 में हुई एक स्टडी के अनुसार 50 से 90 साल की उम्र में भी सेक्शुअली एक्टिव रहने वाले लोगों की याद्दाशत तेज होती है। इतना ही नहीं, ये सिर दर्द और माइग्रेन के दर्द से भी राहत दिलाता है।

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व और इसके मनोवैज्ञानिक फायदे

सेक्स के सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक फायदे भी हैं। जिन कपल्स की सेक्स लाइफ हेल्दी होती है उनके जीवन की गुणवत्ता और खुशहाली भी बढ़ती है। सेक्स के दौरान फील गुड हॉर्मोन रिलीज होता है, जिससे मूड अच्छा होता है और चिड़चिड़ापन कम होता है। जिससे कपल्स के बीच झगड़े कम होते हैं। अंतरंग पलों के दौरान ऑक्सिटोसिन हॉर्मोन भी रिलीज होता है, जो कपल्स की बॉन्डिंग को मजबूत करके उन्हें रिश्ते में सुरक्षा का एहसास दिलाता है।

हालांकि ऐसा नहीं है कि कोई रिश्ता सेक्स के बिना चल नहीं सकता। कुछ लोग सेक्स के बिना भी हेल्दी रिलेशनशिप में रहते हैं। ये रिलेशनशिप पर निर्भर करता है। कुछ कारण निम्न हैं जिनके चलते सेक्स नहीं करना चाहते हैं –

  • सेक्स करने की इच्छा ना होना या सेक्स ड्राइव कम होना
  • कोई मेडिकल कंडिशन जैसे क्रॉनिक पेन
  • सेक्स के बिना लंबे समय तक डेट करना

ऊपर बताए गए कारणों का मतलब ये नहीं है कि आपका पार्टनर आपसे प्यार नहीं करता या आपकी वैल्यू नहीं करता। हमेशा हेल्दी रिलेशनशिप का मतलब सेक्स नहीं होता है, लेकिन वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व शादी के पहले के रिलेशनशिप से ज्यादा रहता है।

कामेच्छा में कमी के कारण

हालांकि वैवाहिक जीवन में सेक्स की बहुत अहमियत होती है, लेकिन समय के साथ कामेच्छा में कमी आना स्वाभाविक है। इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

  • तनाव, तनावपूर्ण माहौल और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण सेक्स की इच्छा में कमी
  • रिश्तों में आई समस्या जैसे बहस, बेईमानी, विश्वास की कमी आदि के कारण भी कपल्स की सेक्स की इच्छा खत्म होने लगती है।
  •  उम्र बढ़ने के साथ ही सेक्स की इच्छा भी कम होने लगती है।
  •  हॉर्मोनल बदलाव, मेनोपॉज, प्रेग्नेंसी आदि का भी कामेच्छा पर असर होता है।
  • कई तरह की दवाइयों के सेवन से भी सेक्स की इच्छा कम हो जाती है।
  • कई स्वास्थ्य समस्याएं जैसे अर्थराइटिस, कोरोनरी आर्टरी डिसीज आदि भी कामेच्छा के कमी के कारण हो सकते हैं।
  • किसी हादसे या सदमे के फलस्वरूप हुए मनोवैज्ञानिक तनाव के कारण सेक्स की इच्छा खत्म हो सकती है। ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
  •  सेक्स की चाह न होना कोई समस्या नहीं है जब तक कि इससे आपको या आपके रिश्ते में तनाव न आए, लेकिन आपको यदि यह महसूस हो रहा है कि आपकी कामेच्छा में कमी आ रही है और इसका असर रिश्ते पर भी हो रहा है तो उसके कारणों का पता लगाकर उपचार किया जाना आवश्यक है, ऐसे में सेक्स थेरेपिस्ट की सलाह ले सकते हैं।
  • 2017 की एक स्टडी के अनुसार रेगुलर किए जाने वाले सेक्स और प्यार भरे वैवाहिक रिश्तों में गहरा रिश्ता है। इससे पता चलता है कि बार- बार सेक्स करने से प्यार बढ़ता है और इससे बार- बार सेक्स करने की इच्छा होती  है। अगर अपने वैवाहिक जीवन में ज्यादा सेक्स चाहते हैं तो आपको ज्यादा सेक्स करना होगा। यह सुनने में भले ही फनी लगे, लेकिन यह सेक्स ड्राइव में सुधार करने के साथ ही आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर कर सकता है।

लो सेक्स ड्राइव बन सकती है परेशानी का कारण

कई लोग पार्टनर की लो सेक्स ड्राइव से परेशान नहीं होते, वे लो लिबिडो के फिर से सामान्य होने का इंतजार कर लेते हैं वहीं कुछ के लिए यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि किसी एक के लिए सेक्स महत्व नहीं रखता और दूसरे के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसी स्तिथि में दोनों को आपस में बात करके समस्या का समाधान निकालना चाहिए। आप बातचीत की शुरुआत ऐसे कर सकते हैं:

“हाल ही में, मेरी सेक्स ड्राइव में बदलाव आया है, और मैं आपसे इस बारे में बात करना चाहता हूं।”
“आपने नोटिस किया है कि मैं बिस्तर में अलग हूं, तो मैं नहीं चाहता कि आप इसे व्यक्तिगत रूप से लें। मैं इस बारे में बात करना चाहता हूं ”
“मेरी सेक्स ड्राइव हाल ही में कम हुई है। क्या हम बेड पर कुछ नया ट्राय कर सकते हैं? ”
“मैंने देखा है कि आप हाल ही में सेक्स नहीं करना चाहते। क्या हम इसके बारे में बात कर सकते हैं? ”
“हम जितनी बार सेक्स करते थे अब उतनी बार नहीं करते, और मैं इसे बदलना नहीं चाहता था। आप इसके बारे में कैसा महसूस करते हैं?”

अगर आपको इस तरह अपने पार्टनर से बात करना मुश्किल लग रहा है, तो यौन चिकित्सक से मिलें। वे आपको अपने साथी के साथ कम्युनिकेशन करने और एक समाधान खोजने में मदद कर सकते हैं।

ऐसा भी हो सकता है कि आपकी सेक्स लाइफ बिना किसी खास वजह के रुक गई हो। कभी-कभी, एक रोमांटिक वीकेंड,एक नई सेक्स पोजिशन या सेक्स टॉय, सेक्स ड्राइव को जगा सकते हैं।

प्यार जताने के हैं और भी तरीके

यह सच है कि कपल्स प्यार जताने के लिए सेक्स का सहारा लेते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि हमेशा आप अंतरंग होकर ही अपना प्यार जताएं। इसके कई और भी तरीके हो सकते हैं और जो खासतौर महिलाओं को बहुत पसंद आते हैं जैसे-

  • अचानक यूं ही साथी को बाहों में भर लेना।
  • माथे या गाल पर किस करना।
  • हाथों में हाथ डालकर टहलना।
  • मसाज करना, जिससे थकान दूर होने के साथ ही प्यार भी बढ़ता है।

फिजिकल इंटिमेसी के लिए इमोशनल इंटीमेसी भी बहुत जरूरी है। यानी पार्टनर का एक-दूसरे के प्रति ईमानदार होना और एक-दूसरे पर विश्वास करना भी जरूरी है, क्योंकि बिना प्यार और विश्वास के सिर्फ सेक्स शादी के रिश्ते को मजबूत नहीं बना सकता।

दोनों में से यदि किसी एक को लगता है कि उसका साथी उससे झूठ बोल रहा है या उसका किसी और से अफेयर है, तो ऐसे में बेड पर कभी भी वह अपने साथी का दिल से साथ नहीं दे पाएगा और उनकी सेक्स लाइफ हेल्दी नहीं हो सकती है। इसलिए फिजिकल इंटीमेसी तभी संभव है, जब कपल्स के मन में एक-दूसरे के लिए सच्चा प्यार, अपनापन और परवाह की भावना हो। दोनों किसी मुद्दे पर भले ही एक-दूसरे से असहमत हो, बावजूद इसके एक-दूसरे के लिए सम्मान की भावना होनी चाहिए तभी रिश्ता लंबा टिकता है।

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